रायला/घुमन्तु दर्पण(लक्की शर्मा)।रायला कस्बे के बापू नगर में पानी की टंकी का धूमधाम से उद्घाटन तो कर दिया गया, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी हालात ऐसे हैं कि नलों में एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा। चंबल का पानी सिर्फ कागजों में ही बह रहा है, जबकि जमीन पर लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की परेशानी दूर होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन उद्घाटन महज “फोटो खिंचवाने” तक सीमित रह गया। कुछ घरों में नल कनेक्शन भी दे दिए गए, मगर अब तक एक भी नल नहीं टपका।
भीषण गर्मी में हालात यह हैं कि लोगों को 300-350 रुपए खर्च कर टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। सुबह होते ही महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बाल्टी-घड़े लेकर पानी की तलाश में भटकते नजर आते हैं।उधर, पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं, जिनमें आए दिन बाइक सवार और राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों का गुस्सा अब साफ दिखने लगा है। उनका कहना है कि कई बार अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला है, काम कुछ नहीं हुआ।अब सवाल यह है कि आखिर नलों में पानी कब बहेगा या फिर यह टंकी सिर्फ दिखावे के लिए ही बनी है?








