लखनऊ अग्निकांड के बाद भीलवाड़ा में बड़ी gnmकार्रवाई फायर एनओसी बिना चल रहे 9 प्रतिष्ठान सीज, कारोबारियों में मचा हड़कंप
भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण(धीरज कुमार शर्मा)।लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद आखिरकार भीलवाड़ा नगर निगम भी एक्शन मोड में आ गया है। वर्षों से फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे होटल, कोचिंग सेंटर, बार और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ निगम ने लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई करते हुए पांच और प्रतिष्ठानों को सीज कर दिया। इसके साथ ही दो दिनों में सील किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।नगर निगम की इस कार्रवाई से शहर के व्यापारिक और शैक्षणिक संस्थानों में हड़कंप मच गया है। जिन प्रतिष्ठानों को बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद फायर एनओसी नहीं ली गई और सुरक्षा मानकों की पालना नहीं की गई, उनके खिलाफ निगम ने सख्त कदम उठाया है।

बिना फायर एनओसी चल रहे थे प्रतिष्ठान
नगर निगम के फायर अधिकारी छोटूराम ने बताया कि सीज किए गए प्रतिष्ठानों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संचालकों ने न तो फायर सुरक्षा उपकरण लगाए और न ही आवश्यक एनओसी प्राप्त की। जन सुरक्षा को देखते हुए निगम को सीलिंग की कार्रवाई करनी पड़ी।
बुधवार को जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई उनमें फर्स्ट रैंक कोचिंग सेंटर, वरटेक्स कोचिंग सेंटर, द ठरकी बार, भाटिया ऑटोमोबाइल (मारुति शोरूम) और सांवरिया रेस्टोरेंट शामिल हैं।
कभी भी हो सकता था बड़ा हादसा
जांच के दौरान सामने आया कि कई प्रतिष्ठानों में आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। कहीं अग्निशमन उपकरणों की कमी मिली तो कहीं आपातकालीन निकासी व्यवस्था अधूरी पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी संस्थान में आग लग जाती तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
कारोबारियों में मची अफरा-तफरी
लगातार दूसरे दिन हुई कार्रवाई के बाद शहर के होटल, बार, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थान और अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल है। कई संचालक अब फायर एनओसी और सुरक्षा दस्तावेजों को दुरुस्त कराने में जुट गए हैं ताकि निगम की अगली कार्रवाई से बचा जा सके।
निगम की चेतावनी – नियम नहीं माने तो होगी सीलिंग
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन संस्थानों ने अभी तक फायर सुरक्षा मानकों की पालना नहीं की है, वे तुरंत आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी सीलिंग और संचालन बंद कराने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ हादसे ने जगाया प्रशासन
शहर में चर्चा है कि यदि समय-समय पर फायर सुरक्षा की जांच होती रहती तो इतनी बड़ी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पड़ती। हालांकि लखनऊ की घटना के बाद प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क है और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती बरत रहा है।
फिलहाल नगर निगम की इस कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दे दिया है—फायर सेफ्टी से समझौता अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








