नई दिल्ली/भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और नकलमुक्त बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पिछले वर्षों के अनुभवों से सबक लेते हुए एजेंसी ने डिजिटल तकनीक और सख्त निगरानी का ऐसा सुरक्षा कवच तैयार किया है, जिससे पेपर लीक, फर्जी अभ्यर्थी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
परीक्षा केंद्रों पर करीब 1.38 लाख CCTV कैमरों के जरिए हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इन कैमरों की फीड केंद्रीय कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, जहां विशेषज्ञों की टीम लगातार नजर रखेगी। वहीं 51 हजार से अधिक हाई-पावर जैमर मोबाइल नेटवर्क, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार को निष्क्रिय रखने का काम करेंगे।
फर्जी उम्मीदवारों पर लगाम कसने के लिए प्रवेश के समय बायोमेट्रिक सत्यापन और AI आधारित फेस रिकग्निशन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक अभ्यर्थी की पहचान का मिलान डिजिटल रिकॉर्ड से किया जाएगा, जिससे डमी कैंडिडेट की संभावना लगभग समाप्त हो सके।
एनटीए ने अभ्यर्थियों के लिए समय पालन को भी अनिवार्य बनाया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होगी, लेकिन 1:30 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को बायोमेट्रिक जांच और सुरक्षा प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई है।
ड्रेस कोड को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। केवल हल्के और हाफ स्लीव्स वाले कपड़ों के साथ साधारण चप्पल या सैंडल पहनने की अनुमति होगी। फुल स्लीव्स, भारी कढ़ाई वाले वस्त्र, आभूषण, बेल्ट, कैप और अन्य सजावटी सामान प्रतिबंधित रहेंगे। धार्मिक परिधान पहनने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच के लिए पहले पहुंचना होगा।
परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ईयरफोन, पेन, पेंसिल, कागज या अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं स्टेशनरी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को केवल एडमिट कार्ड, वैध फोटो पहचान पत्र और आवश्यक पासपोर्ट आकार की तस्वीरें साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।
एनटीए का कहना है कि इन व्यापक इंतजामों का उद्देश्य प्रत्येक अभ्यर्थी को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराना तथा परीक्षा की विश्वसनीयता को और मजबूत बनाना है।






