समाज में परिवर्तन का कार्य विद्यालय करते है, शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नही बल्कि राष्ट्र एवं चरित्र निर्माण का प्रमुख आधार है….गोविन्द कुमार
भीलवाड़ा/घुमन्तु दर्पण। विद्या भारती शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़-प्रतापगढ़ का नवीन आचार्य अभ्यास वर्ग का समापन समारोह मंगलवार को आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय शास्त्रीनगर भीलवाड़ा में संपन्न हुआ।
वर्ग प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सचिव देवराजसिंह राणावत ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से 132 नवीन आचार्यों को विद्यालयीन कार्यों के साथ-साथ विद्या भारती की कार्यपद्धति, उद्देश्य एवं संस्कार आधारित शिक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
समापन समारोह के मुख्य वक्ता विद्या भारती राजस्थान क्षेत्र के संगठन मंत्री गोविन्द कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि, शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के चरित्र निर्माण का प्रमुख आधार होता है। उन्होंने आचार्यों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा और संस्कारों का विकास करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण वर्गों का उद्देश्य शिक्षकों को भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कारयुक्त शिक्षा एवं प्रभावी अध्यापन पद्धति से जोड़ना होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष हीरा लाल टेलर ने की। मुख्य अतिथि पूर्व छात्र जयदेव पारीक एवं विशिष्ट अतिथि विद्या भारती शिक्षा संस्थान प्रतापगढ़ के प्रभारी जितेन्द्र कुमार जोशी थे।
दस दिवसीय वर्ग में नवीन आचार्यों ने प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण कौशल, संगठनात्मक कार्यपद्धति एवं संस्कारमूलक शिक्षा के विभिन्न आयामों का अभ्यास किया।
प्रशिक्षण वर्ग के दौरान सुलेख, श्रुतिलेख, वंदना अभ्यास, विषय शिक्षण, अभिभावक संपर्क, विद्यालयी गतिविधियों के संचालन तथा प्रभावी शिक्षण पद्धतियों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए।
समापन कार्यक्रम में विद्या भारती चित्तौड़ प्रान्त के सदस्य अशोक कुमार व्यास, चित्तौड़गढ़ विद्या भारती शिक्षा संस्थान के सचिव कैलाशचन्द्र शर्मा, सह संयोजक प्रज्ञा प्रवाह राजस्थान क्षेत्र सत्यनाराण कुमावत, स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य अविनाश कुमार छीपा, प्रशिक्षणार्थी आचार्य दीदी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन सांवरलाल प्रजापत ने किया।








