पाली/घुमन्तु दर्पण(सुरेश पंवार)।जोधपुर-अहमदाबाद रेलमार्ग के समीप लंबे समय से पड़ी अनुपयोगी रेलवे लाइनों को हटाने का कार्य मंगलवार से शुरू हो गया। रेलवे विभाग द्वारा इन लाइनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार के माध्यम से हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
जहरीले जीव-जंतुओं से मिलेगी राहत
जय श्री कृष्णा साई दर्शन हेल्पलाइन ग्रुप के मुख्य प्रबंधक देवेंद्रसिंह मीणा ने बताया कि बड़ी संख्या में रखी गई इन पुरानी रेलवे लाइनों के बीच सांप, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जीव-जंतु अपना बसेरा बना चुके थे। ठंड के मौसम में ये जीव आसपास के घरों और दुकानों तक पहुंच जाते थे, जिससे लोगों की सुरक्षा को खतरा बना रहता था। हेल्पलाइन ग्रुप लंबे समय से रेलवे प्रशासन से इन लाइनों को हटाने की मांग कर रहा था।
नए सहायक मंडल इंजीनियर की पहल
नवनियुक्त सहायक मंडल इंजीनियर उपेंद्र कुमार के कार्यभार ग्रहण करने के बाद रेलवे परिसर के विकास एवं विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी पहल पर वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर (रेल पथ) दिनेश नंगलिया के नेतृत्व में तथा आरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में लाइनों को हटाने का कार्य शुरू कराया गया। अधिकारियों के अनुसार कुछ ही दिनों में परिसर में रखी सभी अनुपयोगी रेलवे लाइनें हटा दी जाएंगी।
पैदल राहगीरों के लिए मार्ग की मांग
देवेंद्रसिंह मीणा ने बताया कि संबंधित क्षेत्र रेलवे भूमि है और वहां कोई अधिकृत सार्वजनिक मार्ग नहीं है। इसके बावजूद रेलवे क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारी, अधिकारी और स्थानीय लोग बैंक, मेडिकल स्टोर, विद्यालय तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। उन्होंने मांग की है कि बैंक के पीछे की गई फेंसिंग में पैदल राहगीरों के लिए एक घुमावदार मार्ग उपलब्ध कराया जाए, जिससे विशेषकर महिलाओं और युवतियों को सुविधा मिल सके।

कचरा समस्या पर रेलवे की चिंता
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में लोगों द्वारा रेलवे परिसर में कचरा डाले जाने की समस्या सामने आती रही है। इस पर मीणा ने आश्वासन दिया कि यदि कोई व्यक्ति परिसर में कचरा डालता है तो उसकी फोटो एवं वीडियो रिकॉर्डिंग कर रेलवे प्रशासन को सूचना दी जाएगी, ताकि आवश्यक कार्रवाई हो सके। रेलवे परिसर में कचरा निषेध संबंधी बोर्ड भी जल्द लगाए जाएंगे।
सुरक्षा और रोशनी की व्यवस्था
मीणा ने बताया कि लाइनें हटने के बाद हेल्पलाइन ग्रुप की ओर से स्टेट बैंक के पीछे निजी स्तर पर हैलोजन लाइटें लगाई जाएंगी। इससे क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी रहेगी, जहरीले जीव-जंतुओं पर नजर रखी जा सकेगी और महिलाओं की सुरक्षा भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि झाड़ियों के कारण क्षेत्र में चोरी की घटनाओं का भी डर बना रहता है तथा कुछ माह पहले आसपास चोरी की वारदातें भी हुई थीं।
मार्ग निर्माण पर भी मांग
रेलवे अधिकारियों ने पैदल राहगीरों को नियमानुसार राहत देने के संबंध में उच्च अधिकारियों से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। साथ ही देवेंद्रसिंह मीणा ने जीनगर बस्ती से होकर अखावास रोड तक सड़क निर्माण की मांग भी रेलवे प्रशासन के समक्ष रखी है।








