बडलियास/घुमन्तु दर्पण (राजेंद्र पहाड़िया)।
भीलवाड़ा जिले के बडलियास कस्बे से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक ओर देश में एक पेड़ माँ के नाम जैसे अभियान के तहत पेड़ लगाने और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर हरे पेड़ों की कटाई लगातार जारी होने के आरोप लग रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बडलियास पंचायत क्षेत्र में रोजाना लगभग 5 से 6 ट्रैक्टर हरे पेड़ों की लकड़ी से भरे हुए कस्बे से गुजरते देखे जा रहे हैं। यह गतिविधि देर शाम और रात के समय अधिक देखी जाती है, जिससे प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बिगड़ सकता है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से न केवल हरियाली खत्म हो रही है, बल्कि गर्मी और प्रदूषण में भी बढ़ोतरी का खतरा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिल सके।







